
मेले के तीन ताकतवर आइडिया — जो जस्टिस की दुनिया बदल सकते हैं
क्या हो अगर हमारे जस्टिस सिस्टम्स — कोर्ट्स, पुलिस, जेल — को नागरिकों को ध्यान में रखकर बनाया जाए?
वर्कशॉप्स · इमैजिनेरियम्स · एग्ज़िबिशन्स
क्या हो अगर मिलजुल कर जीना — इंसानों के साथ-साथ जानवरों, पेड़-पौधों और इस दुनिया की हर चीज़ के साथ — हमारे जस्टिस सिस्टम्स की बुनियाद बन जाए?
थिएटर · स्टोरीटेलिंग · सभाएँ
क्या हो अगर हम ऐसे इकॉनमिक मॉडल डिज़ाइन करें जो शुरुआत से ही न्यायपूर्ण और बराबरी वाले हों?
बात-चीत · एग्ज़िबिशन्स · वर्कशॉप्स

स्टोरी स्पेसेज़
गीत जो लोगों को स्टॉल्स की ओर बुलाएँ।
कम्युनिटी टेबल्स
मटेरियल्स, प्रोटोटाइप्स, असली समस्याएँ।
यम्मी लोकल खाना
कर्नाटक के स्नैक्स जो लोगों को जोड़ते हैं।
आर्ट जो इंस्पायर करे
आर्ट जो जस्टिस, चेंजमेकिंग और क्रिएटिविटी को सेंटर करे

डिक्सन चिबांडा
ग्रैंडमदर्स की पावर

चैतन्य तम्हाणे
एक कोर्ट स्टोरी बताना
हर हफ्ते और शोकेस स्पीकर्स और आर्टिस्ट्स जुड़ेंगे
“जिस उम्मीद का वादा मुझसे किया गया था अगर मैं मेले में आऊँ — वह उम्मीद मुझे यहाँ मिल रही है।”
वरुण ग्रोवर, जेएमएम2025
“यह मेलों का मेला है।”
मुख्तियार अली, जेएमएम2025

शिल्पा मुडबी और रामक्का
म्यूज़िक · यादें · मूवमेंट

जस्टिसमेकर कौन है
जो भी व्यक्ति सही ऊर्जा, सोच और क्रिएटिविटी के साथ जस्टिस इश्यूज़ को सुलझाना चाहता है, वह जस्टिसमेकर है। सुलझाने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं — बिल्डिंग, कन्वीनिंग, स्टोरीटेलिंग या कैपेसिटी बिल्डिंग।
कोई भी व्यक्ति जो जस्टिस के मुद्दों को सही एनर्जी, सोच और क्रिएटिविटी के साथ सुलझाना चाहता है, वो एक जस्टिसमेकर है। सुलझाने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं - बिल्डिंग यानी कुछ बनाना, कन्वीनिंग यानी लोगों को साथ लाना, स्टोरीटेलिंग यानी कहानियाँ सुनाना, या कैपेसिटी बिल्डिंग यानी लोगों की क्षमता बढ़ाना।
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